अजमेर, 17 अक्टूबर 2026। राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLN) में पहली बार रोबोटिक तकनीक की मदद से किडनी कैंसर का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। इस आधुनिक सर्जरी के बाद मरीज की तेजी से रिकवरी हुई और ऑपरेशन के दूसरे ही दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

वरिष्ठ रोबोटिक एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अनिल के. शर्मा के नेतृत्व में नागौर जिले के परबतसर निवासी 56 वर्षीय मरीज की बाईं किडनी का ऑपरेशन किया गया। मरीज को पेशाब में खून आने और पेशाब करने में परेशानी की शिकायत थी। जांच के दौरान सोनोग्राफी में बाईं किडनी में गांठ दिखाई दी। इसके बाद सीटी स्कैन सहित अन्य जांचों में किडनी ट्यूमर की पुष्टि हुई। मामले की जटिलता को देखते हुए चिकित्सकों ने रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
रक्त वाहिकाओं की असामान्य बनावट बनी चुनौती
सर्जरी के दौरान किडनी की रक्त वाहिकाओं की असामान्य बनावट चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हालांकि, आधुनिक उपकरणों और चिकित्सकीय टीम के बेहतर समन्वय से ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। डॉ. शर्मा के साथ डॉ. रामप्रसाद और डॉ. अमित ने सर्जरी में सहयोग किया। एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन के लगभग 12 घंटे बाद ही मरीज चलने-फिरने लगा और उसने खाना-पीना शुरू कर दिया। उसकी संतोषजनक रिकवरी के बाद दूसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जटिल सर्जरी में रोबोटिक तकनीक कारगर
डॉ. अनिल के. शर्मा ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी में सर्जन को त्रि-आयामी स्पष्ट दृश्य और उपकरणों की सूक्ष्म गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण मिलता है। इससे जटिल शारीरिक संरचनाओं और रक्त वाहिकाओं से जुड़े मामलों में ऑपरेशन करने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि करीब 9-10 वर्ष पहले भी उनके नेतृत्व में JLN अस्पताल में लैप्रोस्कोपिक तकनीक से किडनी कैंसर का ऑपरेशन किया गया था।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने इस उपलब्धि पर डॉ. शर्मा और उनकी टीम को बधाई दी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बेहतर एनेस्थीसिया प्रबंधन और ऑपरेशन के बाद की देखभाल को मरीज की शीघ्र रिकवरी में महत्वपूर्ण बताया।
खास बात यह है कि अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा मरीजों को सरकार की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
