डी.डी. चारण | मेड़ता सिटी।
भारतीय संस्कृति में किन्नर समाज की दुआओं और आशीर्वाद का विशेष महत्व माना जाता है। आमतौर पर लोग शुभ अवसरों पर किन्नर समाज से आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक रहते हैं, लेकिन मेड़ता शहर में नवरात्रा पर्व के अवसर पर एक ऐसी अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। यहां दुआएं देने वाले हाथ खुद नन्ही कन्याओं के सामने श्रद्धा से झुके नजर आए। किन्नर समाज ने 108 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनके चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
108 कन्याओं के पूजन से दिया आस्था और सम्मान का संदेश
मेड़ता शहर की किन्नर गदापति राजकुमारी बाई की पहल पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। नवरात्रा के पावन अवसर पर 108 कन्याओं का पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानकर सम्मान दिया गया। इस दौरान किन्नर समाज के सदस्यों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ कन्याओं की पूजा-अर्चना की और उनसे आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति और कन्या पूजन की महत्ता को जीवंत कर दिया। आयोजन के माध्यम से समाज को यह संदेश भी दिया गया कि बेटियां सम्मान, स्नेह और आदर की अधिकारिणी हैं। कन्याओं में देवी का स्वरूप देखने वाली भारतीय परंपरा को आत्मसात करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
जनप्रतिनिधियों सहित गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर जयपुर से सपना बाई किन्नर, तारा बाई किन्नर, मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू, नगरपालिका चेयरमैन श्रीमती कंचन देवी राजेंद्र सांखला, डीवाईएसपी रामकरण सिंह मलिंडा, नागौर जिला गौशाला संघ अध्यक्ष रामजीवन डांगा, भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित टाक सहित नगर पालिका पार्षद एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धा और आस्था का माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने किन्नर समाज की इस पहल की सराहना की। 108 कन्याओं के पूजन का यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सद्भाव, बेटियों के सम्मान और नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा का संदेश देने वाला यादगार अवसर बन गया।
