नई दिल्ली: पांच राज्यों के चुनावी परिणामों में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन, विशेषकर पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली सफलता के बाद नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल रहा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इसे एक ‘ऐतिहासिक और अभूतपूर्व’ दिन करार दिया।
साधना से सिद्धि तक का सफर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत कार्यकर्ताओं के उत्साह और समर्पण की सराहना करते हुए की। उन्होंने कहा, “जब सालों की तपस्या और साधना सिद्धि में बदलती है, तो जो संतोष चेहरे पर दिखता है, वही खुशी आज मैं देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे पर देख रहा हूँ।” उन्होंने पिछले वर्ष की अपनी बात को याद दिलाते हुए कहा कि गंगा नदी बिहार से होते हुए गंगासागर तक जाती है, और आज बंगाल की जीत के साथ ‘गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक’ कमल खिल गया है। अब उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे मां गंगा के तट पर बसे सभी राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं।
बंगाल के लिए नया संकल्प और डॉ. मुखर्जी को नमन
प्रधानमंत्री ने बंगाल चुनाव के परिणामों को केवल एक चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि भय, तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति के खिलाफ जनता की हुंकार बताया। उन्होंने घोषणा की कि बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी, युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और पलायन पर रोक लगेगी। पीएम मोदी ने वादा किया कि पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दी जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख करते हुए भावुक स्वर में कहा कि आज उनकी आत्मा को असीम शांति मिली होगी। डॉ. मुखर्जी ने बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए जो संघर्ष किया था, आज का परिणाम उसी समर्पण का फल है।
वंदे मातरम् का 150वां वर्ष और कार्यकर्ताओं का बलिदान
पीएम मोदी ने इस जीत को ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति बंगाल की जनता का सादर नमन बताया। उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों, हिंसा और अत्याचारों के बीच पार्टी का झंडा बुलंद रखा। उन्होंने विशेष रूप से केरल और बंगाल में कार्यकर्ताओं पर हुए जुल्मों का जिक्र करते हुए उनके धैर्य की सराहना की।
गुड गवर्नेंस और ‘नागरिक देवो भव’
प्रधानमंत्री ने भाजपा की निरंतर सफलता के पीछे ‘गुड गवर्नेंस’ को मुख्य कारण बताया। उन्होंने हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनाने, महाराष्ट्र और बिहार में मिली बड़ी जीत और गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में मिले रिकॉर्ड वोट शेयर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का एकमात्र मंत्र ‘नागरिक देवो भव’ है।
पुडुचेरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने ‘बेस्ट पुडुचेरी’ के विजन पर भरोसा जताया है। वहीं असम में लगातार तीसरी बार मिली जीत को उन्होंने ऐतिहासिक बताया और टी-गार्डन क्षेत्रों के श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मां गंगा का आशीर्वाद
अंत में, प्रधानमंत्री ने अपनी काशी यात्रा और मां गंगा के साथ अपने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा, “2013 में मैंने कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, और आज मैं महसूस करता हूं कि मां गंगा और मां ब्रह्मपुत्र का आशीर्वाद हम पर है।” उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा शासित राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
