संवाददाता/जुगल दायमा
नागौर जिले के हरसौर कस्बे के मालियों के मोहल्ले में पिछले करीब छह माह से जारी पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों को पीने के पानी के लिए बूंद-बूंद तरसना पड़ रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब पाइपलाइन की स्थिति देखने ठेकेदार मौके पर पहुंचा। गुस्साए ग्रामीणों ने ठेकेदार को घेर लिया और मौके पर ही समस्या के समाधान की मांग करने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण मोहल्ले में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे लोगों का धैर्य जवाब दे गया। ग्रामीण राकेश माली ने बताया कि पिछले छह महीनों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पीने के पानी के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी टैंकरों के सहारे जलापूर्ति करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की मनमानी और विभागीय उदासीनता के चलते पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। जब भी समस्या के समाधान की मांग की जाती है, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, उल्टा लोगों को धमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जो व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
पेयजल संकट से परेशान महिलाओं का गुस्सा भी सामने आया। नाराज महिलाओं ने गेंती और फावड़े उठाकर खुद ही पाइपलाइन की खुदाई शुरू कर दी, ताकि समस्या का कारण समझा जा सके। यह दृश्य प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है, जहां लोगों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए खुद संघर्ष करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने सहायक अभियंता जयराम मेहरा से दूरभाष पर संपर्क किया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदार को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए ठेकेदार महेंद्र ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर पाइपलाइन की खुदाई करवाई और आश्वासन दिया कि बुधवार तक वाल्व लगाकर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे और जब तक नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सहायक अभियंता ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा, ताकि लोगों को भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल, ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
