नागौर।जिले में बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 9 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को गति दी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल, बख्ता सागर में एचपीवी वैक्सीन जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर टीकाकरण के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यशाला में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि एचपीवी संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। यह वायरस बेहद सामान्य है, लेकिन समय रहते इसकी रोकथाम न होने पर यह गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन इस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है।
डॉ. वर्मा ने विशेष रूप से 9 से 14 वर्ष की आयु में टीकाकरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस उम्र में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी होती है, जिससे वैक्सीन बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित है। इसके नियमित उपयोग से न केवल सर्वाइकल कैंसर बल्कि एचपीवी से जुड़ी अन्य बीमारियों से भी बचाव संभव है।
उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या डर में न आएं। सही जानकारी और जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं।
कार्यशाला में आरआई कोऑर्डिनेटर जाकिर हुसैन और ईश्वर सिंह शेखावत ने भी छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रशासन ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्कूल प्रबंधन ने आशा जताई कि इस तरह की जागरूकता गतिविधियों से छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और वे अपने परिवार व समाज में भी इस संदेश को आगे बढ़ाएंगी।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने एचपीवी टीकाकरण को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और संतोषजनक जवाब दिया। इस कार्यशाला ने न केवल जानकारी बढ़ाई, बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास भी जगाया कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर गंभीर बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।
