April 28, 2026
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काबुल/इस्लामाबाद | 28 अप्रैल, 2026 रिपोर्ट: नितिन सिंह

पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हुए भीषण मिसाइल और मोर्टार हमलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हाहाकार मचा दिया है। इस हमले में न केवल मासूम नागरिकों की जान गई है, बल्कि एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान को भी खंडहर में तब्दील कर दिया गया है।

यूनिवर्सिटी बना युद्ध का मैदान

अफगान अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुनार प्रांत की राजधानी असदाबाद में स्थित सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को इस हमले में भारी नुकसान पहुँचा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब मिसाइलें गिरीं, तब परिसर में सैकड़ों छात्र और प्रोफेसर मौजूद थे।

हताहतों की संख्या: रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 30 छात्र और शिक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

कुल नागरिक क्षति: पूरे क्षेत्र में 70 से अधिक नागरिक घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

मौतों की पुष्टि: अफगान सरकार ने कई नागरिकों की मौत की पुष्टि की है, हालांकि सटीक आंकड़ा अभी भी स्पष्ट होना बाकी है।

अफगानिस्तान का कड़ा रुख: “यह एक युद्ध अपराध है”

अफगान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सरकार का दावा है कि हमला 27 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ और जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया।

“नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। यह एक गंभीर युद्ध अपराध है जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।” – अफगान सरकार

पाकिस्तान का इनकार: “अफगान मीडिया फैला रहा है फेक न्यूज़”

दूसरी ओर, इस्लामाबाद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि:

पाकिस्तानी सेना केवल आतंकवादी ठिकानों पर सटीक स्ट्राइक करती है।

किसी भी नागरिक क्षेत्र या यूनिवर्सिटी को निशाना नहीं बनाया गया है।

अफगान मीडिया द्वारा फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह से “फेक न्यूज़” और भ्रामक हैं।

विवाद की जड़: क्या है असली कारण?

दोनों देशों के बीच यह टकराव नया नहीं है। इनके बीच तनाव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

मुद्दा पाकिस्तान का पक्ष अफगानिस्तान का पक्ष

आतंकवाद दावा है कि TTP जैसे संगठन अफगानिस्तान में शरण लेते हैं। आरोपों को नकारते हुए कहता है कि पाक अपनी विफलता छिपा रहा है।

सीमा सुरक्षा पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए सीमा पार कार्रवाई को जरूरी बताता है। अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।

नागरिक हताहत किसी भी नागरिक नुकसान से इनकार। हमलों में मासूमों की मौत के सबूत पेश किए।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों के बीच भारी दहशत का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू नहीं हुई, तो यह सीमावर्ती झड़प एक बड़े सैन्य संघर्ष का रूप ले सकती है।

फिलहाल, कुनार प्रांत के अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।

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