“हमारी नर्सें, हमारा भविष्य। सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं” — अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 की यह थीम नर्सिंग कर्मियों के योगदान, उनकी सुरक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समर्पित है। इसी कड़ी में अजमेर का एक परिवार समाज के लिए प्रेरणा बनकर सामने आया है, जिसके तीन सदस्य नर्सिंग सेवा के माध्यम से लोगों के जीवन बचाने और उनकी देखभाल में जुटे हुए हैं।
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में विधानसभा हेल्प डेस्क पर नर्सिंग अधिकारी के रूप में कार्यरत कशिश कच्छावा आपातकालीन परिस्थितियों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाना, आपातकालीन स्थितियों में समन्वय स्थापित करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने में वे निरंतर सक्रिय रहते हैं।
कशिश कच्छावा की माता कुसुमलता कच्छावा भी जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर के अस्थि विभाग में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी इंचार्ज के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्षों के अनुभव के साथ वे मरीजों की देखभाल और विभागीय जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। वहीं उनकी पत्नी भूमिका कच्छावा भी एक निजी अस्पताल में नर्सिंग कर्मी के रूप में कार्यरत हैं और जीवन रक्षक उपचार के जरिए मरीजों की सेवा में समर्पित हैं।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीएचए एवं प्रदेश संयोजक राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत कशिश कच्छावा ने कहा कि, “नर्स होना केवल पेशा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व होता है। मैं एक नर्स हूं, यह मेरा व्यवसाय नहीं बल्कि मेरी पहचान है।” उन्होंने बताया कि नर्सिंग कर्मी व्यक्ति के जन्म की पहली सांस से लेकर अंतिम क्षण तक उसके साथ खड़ा रहता है। जन्म के समय खुशी बांटना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही कठिन समय में मरीज और परिजनों को सांत्वना देना भी नर्स का दायित्व होता है।
उन्होंने कहा कि एक नर्सिंग कर्मी खुद को दूसरों की सेवा और देखभाल के लिए समर्पित कर देता है तथा मरीजों को अपने परिवार की तरह समझकर सेवा करता है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर कच्छावा परिवार जैसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि नर्सिंग केवल नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
