May 11, 2026
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पुष्कर/जयपुर, 10 मई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र के कड़ैल गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों और राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी दिशा में केन्द्र तथा राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही हैं।

 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सदस्याएं, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने गांव में रात्रि विश्राम भी किया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बढ़ा महिला सशक्तीकरण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देशभर में महिला सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं लागू की हैं।

उन्होंने कहा कि घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल योजना और जन-धन खातों के माध्यम से महिलाओं तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया गया है। इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई नई योजनाएं संचालित कर रही है। मा वाउचर योजना, बालिकाओं को साइकिल एवं स्कूटी वितरण और टैबलेट वितरण जैसी योजनाएं महिलाओं और बेटियों के लिए नई संभावनाएं खोल रही हैं।

17.5 लाख महिलाएं बनीं “लखपति दीदी”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई लखपति दीदी योजना महिलाओं के आर्थिक उत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में राजीविका के माध्यम से अब तक 17.5 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाएं आज कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी और डाटा सखी जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रही हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दिया है। साथ ही ब्याज दर को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया गया है, ताकि महिलाएं आसानी से स्वरोजगार शुरू कर सकें।

युवाओं को बिना ब्याज लोन और लगातार भर्तियां

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार भर्तियां निकाल रही है और स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं को बिना ब्याज के ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। इससे राजनीति और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की भागीदार बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने देखा ग्राम विकास रथ और कला जत्थे

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनों का अवलोकन किया। उन्होंने कला जत्थों द्वारा प्रस्तुत जनजागरूकता कार्यक्रम भी देखे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राज्य किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक अनिता भदेल, रामस्वरूप लांबा और शंकर सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

महिलाओं ने साझा किए सफलता के प्रेरणादायक अनुभव

कार्यक्रम के दौरान राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

“डाटा सखी बनकर बढ़ी मेरी आमदनी” — प्रियंका गोस्वामी

डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें राजीविका के तहत ऋण मिला, जिससे उन्होंने पशुपालन शुरू किया। वर्ष 2020 से वे डाटा सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। इससे उनकी आमदनी में लगातार वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डेढ़ लाख रुपये तक का ऋण केवल 1.5 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने में काफी मदद मिल रही है।

“साधारण गृहणी से बनी लखपति दीदी” — लक्ष्मी कंवर

पशु सखी लक्ष्मी कंवर ने कहा कि पहले वे एक सामान्य गृहणी थीं, लेकिन राजीविका से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उन्होंने पशुपालन शुरू किया और आज उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और सरकारी योजनाओं की मदद से महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही हैं।

सिलाई मशीन से बदली जिंदगी — नंदू कंवर

लखपति दीदी नंदू कंवर ने बताया कि वे एकल महिला हैं और पहले उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ऋण लिया और सिलाई मशीन खरीदी।

बाद में उन्होंने 40 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर अपने काम का विस्तार किया और अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। आज वे सिलाई कार्य के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

“आज मेरी सालाना आय दो लाख रुपये से अधिक” — शीतल कंवर

पशुपालन क्लस्टर मैनेजर शीतल कंवर ने बताया कि वर्ष 2019 में वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। वर्तमान में उनके क्लस्टर में 9 ग्राम पंचायतों के 340 समूह जुड़े हुए हैं।

उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना से मिले ऋण से उन्होंने स्कूटी खरीदी, जिससे फील्ड कार्य करना आसान हो गया। पशुपालन के जरिए उनकी वार्षिक आय अब दो लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।

“राजीविका ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया” — सिमरन सैनी

सोलर दीदी क्लस्टर कॉर्डिनेटर सिमरन सैनी ने बताया कि उनकी माताजी पहले से राजीविका से जुड़ी थीं, जिससे प्रेरित होकर वे भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं।

उन्होंने कहा कि शिक्षित होने के कारण उन्हें क्लस्टर कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी मिली। आज वे 10 गांवों में कार्य कर रही हैं और लेखा-जोखा सहित कई प्रशासनिक कार्य संभाल रही हैं। राजीविका के माध्यम से उन्हें सोलर ट्रेनिंग भी मिली और उनकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है।

ग्रामीण विकास और महिला आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस

ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर आर्थिक और सामाजिक विकास को गति दी जा सकती है। राजीविका और स्वयं सहायता समूहों के जरिए हजारों महिलाएं आज रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में भी महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के लिए योजनाओं का दायरा बढ़ाएगी, ताकि हर गांव आत्मनिर्भर और हर महिला आर्थिक रूप से मजबूत बन सके।

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