ब्यावर। राजस्थान के ब्यावर जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रायपुर मारवाड़ उपखंड क्षेत्र के कानचा उड़ावता गांव में एलपीजी गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण हुए भीषण धमाके में एक महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह घर की महिला रोजाना की तरह रसोई में चाय बनाने गई थी। बताया जा रहा है कि रसोई में पहले से ही गैस का रिसाव हो रहा था, लेकिन इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। जैसे ही महिला ने गैस चालू कर चूल्हा जलाने का प्रयास किया, अचानक तेज धमाका हुआ और पूरे कमरे में आग फैल गई। आग इतनी भयानक थी कि महिला और उसकी दोनों बेटियां कुछ समझ पातीं उससे पहले ही आग की चपेट में आ गईं।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रसोई पूरी तरह जल चुकी थी और तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में गैस सिलेंडर से लीकेज को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से एलपीजी गैस सिलेंडर और चूल्हे का नियमित निरीक्षण कराने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस की हल्की गंध आने पर तुरंत रेगुलेटर बंद कर देना चाहिए और बिजली के स्विच या आग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। समय-समय पर पाइप और रेगुलेटर की जांच करवाना ऐसे हादसों से बचने के लिए बेहद जरूरी है।
गांव में हुई इस दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया है। मासूम बच्चियों सहित एक परिवार के खत्म हो जाने से हर कोई दुखी और स्तब्ध है।
