थांवला। कस्बे में बने पटवार भवन क़ो ताला लगाकर अपने निजी आवास पर रिकॉर्ड रखने, आमजन क़ो संतोषजनक जवाब ना देने और काम के बदले दाम मांगने के आरोपों से गिरे पटवारी भागीरथमल क़ो ग्रामीणों की शिकायत पर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार द्वारा तीसरी बार निलंबित किया गया है साथ ही पटवारी का निलंबनकाल के दौरान मुख्यालय श्रीबालाजी किया जाकर विभागीय जाँच के आदेश किये गए है।
जानकारी के अनुसार गत 4 मई क़ो ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर नागौर को शिकायत दी गई जिसमें बताया कि पटवारी भागीरथमल द्वारा ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और पटवार भवन को बंद कर निजी आवास पर रिकॉर्ड रखा जाता है, जिसमें अपने निजी सहायक के माध्यम से रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की जाती है और परिवादियो से सुधार के बदले सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर पटवारी भागीरथमल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबनकाल के दौरान पटवारी का मुख्यालय श्रीबालाजी तहसील किया गया है। सूत्रों की माने तो यह तीसरी बार है जब एक पटवारी को हटाने के लिए ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर को तीन बार शिकायत की गई और बाकायदा निलंबन भी हुआ है लेकिन कोर्ट से स्टे लाकर पटवारी ने भी अपने उच्च अधिकारियों को इस मलाईदार पोस्ट को ना छोड़ने के लिए आँखें दिखाई है।
