थांवला। क्षेत्र के ग्राम किला में एक दुर्लभ प्रजाति का फ्लेमिंगो पक्षी घायल अवस्था में मिलने से ग्रामीणों में कौतूहल का माहौल बन गया। पक्षी को देखकर ग्रामीणों ने तत्काल कोबरा टीम राजस्थान और वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसका सफल रेस्क्यू किया।
जानकारी के अनुसार किला निवासी राजेश बालोटिया के खेत में ग्रामीणों को एक बड़ा और अनोखा पक्षी घायल अवस्था में दिखाई दिया। पक्षी की पहचान फ्लेमिंगो के रूप में होने पर इसकी सूचना कोबरा टीम राजस्थान के संस्थापक सुखदेव भट्ट को दी गई। सूचना मिलते ही सुखदेव भट्ट एवं वन विभाग की सहायक वनपाल यशोदा चौधरी मौके पर पहुंचे और पक्षी को सुरक्षित कब्जे में लेकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
कोबरा टीम के संस्थापक सुखदेव भट्ट ने बताया कि यह फ्लेमिंगो पक्षी लगभग दो वर्ष का है तथा इसकी लंबाई करीब तीन फीट है। फ्लेमिंगो सामान्यतः समुद्री एवं खारे पानी वाले क्षेत्रों में पाया जाने वाला पक्षी है, जो जलाशयों में रहने वाले छोटे जीव-जंतुओं पर निर्भर रहता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण यह पक्षी अपना रास्ता भटककर नागौर और अजमेर जिले की सीमा तक पहुंच गया होगा।
प्राथमिक जांच में पक्षी के शरीर पर चार से पांच स्थानों पर चोट और घाव पाए गए हैं। चिकित्सकीय देखरेख में उसे कुछ समय तक रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा ताकि उसकी स्थिति पर नजर रखी जा सके। स्थानीय स्तर पर इस दुर्लभ पक्षी के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे आगे उपचार एवं देखभाल के लिए जयपुर स्थित वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी भेजा जाएगा।
रेस्क्यू अभियान में कोबरा टीम के सदस्य चेतन भट्ट एवं हरदेव सिंह रावत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने टीम और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
