जोधपुर, 12 सितंबर। भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने वाला संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास ‘वीर गार्जियन’ राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर शुरू हो गया है। इस अभ्यास में जापान के एफ-2ए लड़ाकू विमान और भारतीय वायुसेना के सुखोई-30एमकेआई फाइटर जेट हिस्सा ले रहे हैं। 9 सितंबर से शुरू हुआ यह युद्धाभ्यास 22 सितंबर तक चलेगा।
अभ्यास के दौरान दोनों देशों की वायु सेनाएं हवा से हवा में मुकाबला, डॉगफाइट, रात्रि अभियान और हवा में ईंधन भरने जैसी जटिल ऑपरेशनल तकनीकों का प्रशिक्षण करेंगी। इसका प्रमुख उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हवाई एवं समुद्री अभियानों के दौरान दोनों देशों के बीच तालमेल और संयुक्त संचालन क्षमता को मजबूत करना है।
एफ-2ए की वजह से बढ़ी चर्चा
वीर गार्जियन में जापान का एफ-2ए लड़ाकू विमान विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह विमान एफ-16 के डिजाइन से प्रभावित होकर विकसित किया गया है, लेकिन जापान ने अपनी सामरिक और समुद्री सुरक्षा जरूरतों के अनुसार इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसके रडार, पंखों और अन्य प्रणालियों में विशेष तकनीकी क्षमताएं शामिल हैं।
यही वजह है कि इस अभ्यास का संबंध पाकिस्तान के एफ-16 विमानों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पाकिस्तान की वायुसेना के पास एफ-16 लड़ाकू विमानों का बेड़ा है। ऐसे में एफ-2ए जैसे विमान के साथ प्रशिक्षण भारतीय वायुसेना को एफ-16 श्रेणी के विमानों की क्षमताओं और उनसे निपटने की रणनीतियों को समझने में उपयोगी अनुभव दे सकता है।
2019 की हवाई भिड़ंत की भी चर्चा
भारत-पाकिस्तान के बीच 27 फरवरी 2019 को हुई हवाई भिड़ंत के बाद एफ-16 को लेकर दोनों देशों के दावे सामने आए थे। भारत ने दावा किया था कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया। इस घटना में विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था। हालांकि इस संबंध में अलग-अलग दावे और रिपोर्टें रही हैं।
2023 में जापान में हुआ था पहला चरण
वीर गार्जियन का पहला संस्करण जनवरी 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित हुआ था। उस दौरान भारतीय सुखोई-30एमकेआई विमानों ने जापान के एफ-2 और एफ-15 लड़ाकू विमानों के साथ प्रशिक्षण लिया था। मौजूदा अभ्यास भारत-जापान की बढ़ती रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को दर्शाता है।
नितिन सिंह / 12 सितंबर 2026
