नागौर, 23 अप्रैल। जायल उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को अचानक उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब 132 केवी जीएसएस पर हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत हरकत में आ गईं। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह पूरा घटनाक्रम एक पूर्व निर्धारित मॉक ड्रिल का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना था।

जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार के निर्देशानुसार आयोजित इस मॉक ड्रिल में आगजनी और ब्लैक आउट (बिजली आपूर्ति बाधित होने) जैसी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए वास्तविक परिस्थितियों जैसा अभ्यास किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर ने बताया कि जैसे ही ‘हमले’ की सूचना मिली, स्थानीय प्रशासन, पुलिस जाप्ता, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, चिकित्सा दल, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और समन्वित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
उपखंड अधिकारी रजत कुमार और तहसीलदार की अगुवाई में मौके पर हालात का जायजा लिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने पर काबू पाने, ब्लैक आउट की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रभावी अभ्यास किया गया। इस दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया देखने को मिली।
🚑 घायलों का रेस्क्यू, ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस उपाधीक्षक खेमाराम बीजारणिया के नेतृत्व में ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। इसके जरिए छत पर गिरे एक गंभीर घायल और कमरे में घायल हुए दो अन्य लोगों को एंबुलेंस से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल पर सुरक्षा घेरा बनाकर सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
अग्निशमन दल ने आगजनी पर नियंत्रण पाने का अभ्यास किया, वहीं विद्युत विभाग ने बिजली बाधित होने की स्थिति में त्वरित बहाली की प्रक्रिया को परखा। इस दौरान सभी विभागों की तत्परता, समन्वय और निर्णय क्षमता का मूल्यांकन किया गया।
📊 आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि किसी भी वास्तविक आपदा या संकट के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस अभ्यास से मिली सीख के आधार पर भविष्य में व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि इस प्रकार की गतिविधियों के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें और सहयोग बनाए रखें। मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जन-जीवन की रक्षा सुनिश्चित करना है।
