संवाददाता / डी.डी. चारण / मेड़ता सिटी :
मेड़ता सिटी के अग्रवाल समाज के प्रतिष्ठित पचभैया परिवार की बेटी अंजलि पचभैया ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे शहर का नाम गौरवान्वित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि से परिवार, समाज और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अंजलि, विजयराज पचभैया और प्रभा पचभैया की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया। जानकारी के अनुसार, अंजलि ने अपनी पढ़ाई के दौरान प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक निरंतर अध्ययन किया। इस सफलता में उनके माता-पिता और गुरुजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से उनकी मां प्रभा पचभैया और मासी CA पूजा अग्रवाल ने हर कदम पर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
अंजलि पचभैया ने अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार, शिक्षकों और मित्रों के सहयोग के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैं अपने माता-पिता और मासी पूजा अग्रवाल का तहेदिल से आभार व्यक्त करती हूँ। उनकी प्रेरणा और सहयोग ने मुझे हर कठिन समय में आगे बढ़ने की हिम्मत दी।”
उन्होंने युवाओं के नाम प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई छात्र या छात्रा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर मेहनत करे तो कोई भी मंज़िल कठिन नहीं रहती। उन्होंने कहा, “पाँच साल का संघर्ष और अनुशासन ही मेरी सफलता की कुंजी रहा। मैं चाहती हूँ कि आज की युवा पीढ़ी भी अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ मेहनत करे।”
अंजलि की इस सफलता से न केवल परिवार, बल्कि समाज में भी गर्व का माहौल है। उनके पिता विजयराज पचभैया ने कहा, “हमें अपनी बेटी पर बेहद गर्व है। उसने साबित किया है कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं।” वहीं, उनकी मां प्रभा पचभैया ने कहा कि शिक्षा में समान अवसर देने से बेटियाँ भी समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
इस अवसर पर समाजसेवीका ममता मोदी सहित शहर की अन्य महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंजलि को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अग्रवाल समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि अंजलि की यह उपलब्धि समाज की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मेड़ता सिटी जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल करना अंजलि की दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।
अंजलि पचभैया की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है, जो यह सिखाती है कि मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग सफलता की सबसे बड़ी चाबी है।
