नागौर, 22 अप्रैल 2026। आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में फील्ड ट्रेनरों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया, जिसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी चम्पालाल जीनगर ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 मई से 14 जून तक चलने वाले फील्ड कार्य के दौरान आमजन द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी और किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।
जीनगर ने कहा कि प्रगणकों और सुपरवाइजर्स की जिम्मेदारी होगी कि वे लोगों में विश्वास पैदा करें और उन्हें जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी अपना पहचान पत्र साथ रखें, उत्तरदाताओं के साथ शालीन व्यवहार बनाए रखें और निर्धारित कार्यक्षेत्र (एचएलबी) को भली-भांति समझकर समय पर कार्य शुरू करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जो देश की भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों की नींव रखता है।
जनगणना निदेशालय, राजस्थान जयपुर से नियुक्त जिला समन्वयक डी. आर. गांधी ने बताया कि 1 मई से 15 मई तक आमजन स्वयं ऑनलाइन स्वगणना पोर्टल https://se-census.gov.in� पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जानकारी भरने के बाद एक यूनिक रेफरेंस आईडी प्राप्त होगी, जिसे प्रगणकों के साथ साझा करना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई त्रुटि रह जाती है, तो उसे बाद में प्रगणक द्वारा सुधारा जा सकता है।
प्रशिक्षण प्रभारी एवं सांख्यिकी अधिकारी संजय कुमार सोनी ने फील्ड ट्रेनरों से कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को आगे प्रगणकों और सुपरवाइजर्स तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाएं, ताकि फील्ड कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
समापन दिवस पर प्रशिक्षकों को तीन टीमों में बांटकर गोगेलाव, बालवा और नागौर शहर की राजपूत कॉलोनी में व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया गया। इस दौरान मकान सूचीकरण की प्रक्रिया को समझाते हुए डेटा को ऐप में दर्ज कराया गया। प्रशिक्षण के बाद फील्ड अनुभवों पर विस्तृत चर्चा भी की गई।
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर अजय शर्मा और जयदीप चारण ने प्रशिक्षण दिया, जबकि सांख्यिकी निरीक्षक अंकुष धाभाई, भवानी सिंह और सुशील चौधरी भी मौजूद रहे।
– नितिन सिंह
