थांवला। कस्बे के किसान चौराहे स्थित मंगलम आईटीआई कॉलेज में विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकदिवसीय विशेष फायर एंड सेफ्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को आग लगने की स्थिति में बचाव, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

संस्थान के प्राचार्य इंजीनियर भगवती प्रसाद ने बताया कि आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी व्यावहारिक ज्ञान देना भी संस्थान की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण कौशल विकास हो सके।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी, अजमेर के डायरेक्टर कुलदीप सिंह एवं उनकी टीम के सदस्य मोहम्मद असलम सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों को लाइव डेमो के माध्यम से पेट्रोल में लगी आग, शॉर्ट सर्किट से उत्पन्न आग तथा सूखे कचरे में लगी आग को नियंत्रित करने और बुझाने के तरीके सिखाए।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें प्रायोगिक रूप से आग बुझाने वाले उपकरणों का उपयोग भी करवाया गया। प्रशिक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, पीपीई किट, सुरक्षा उपकरणों एवं बचाव तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सही समय पर सही उपकरण का उपयोग कर बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र, संस्थान या सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा नियमों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर व्यक्ति को प्राथमिक फायर एंड सेफ्टी प्रशिक्षण अवश्य लेना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। इस अवसर पर संस्थान स्टाफ सदस्य ज्योति वर्मा, देवेंद्र कुमार शर्मा, सोहनलाल कुमावत, सुरेश चंद, सीताराम सैनी एवं प्रियंका मौर्या सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
