नागौर जिले के थांवला कस्बे में आगामी 17 मई 2026 को राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत का जिला स्तरीय वार्षिक अधिवेशन एवं जिला कार्यकारिणी चुनाव आयोजित किया जाएगा। यह अधिवेशन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, थांवला में प्रातः 10 बजे से शुरू होगा, जिसमें जिलेभर से शिक्षक प्रतिनिधि, संघ पदाधिकारी एवं शिक्षकों की बड़ी संख्या में भागीदारी रहने की संभावना है। कार्यक्रम को लेकर संगठन से जुड़े शिक्षकों में उत्साह का माहौल है तथा तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत जिला नागौर के जिला मंत्री एवं शिक्षक नेता घनश्याम सिंह चारण ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिवेशन में संगठन की वर्षभर की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं, शैक्षणिक मुद्दों और संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान जिला कार्यकारिणी के चुनाव भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संपन्न कराए जाएंगे।
चारण ने कहा कि यह अधिवेशन संगठन को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षक हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने जिलेभर के शिक्षक साथियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत उपशाखा भेरूंदा (नागौर) द्वारा किया जा रहा है। भेरूंदा ब्लॉक अध्यक्ष धर्माराम तेतरवाल ने बताया कि अधिवेशन में शिक्षकों की लंबित समस्याओं, शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों तथा संगठनात्मक गतिविधियों पर गंभीरता से चर्चा होगी। इसके अलावा आगामी समय में शिक्षक हितों को लेकर संगठन की रणनीति भी तय की जाएगी।
भेरूंदा ब्लॉक मंत्री रामदेव साईं ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अधिवेशन को सफल बनाने के लिए सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। वहीं संगठन मंत्री परमाराम तेतरवाल ने कहा कि संगठन की एकता और मजबूती के लिए यह अधिवेशन बेहद अहम रहेगा तथा इससे शिक्षकों की आवाज को और मजबूती मिलेगी।
अधिवेशन की तैयारियों को लेकर थांवला में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन भी किया गया। बैठक में भेरूंदा उपशाखा संरक्षक गजेंद्र सिंह, संघर्ष समिति संयोजक शिवराज तेतरवाल, कोषाध्यक्ष मोतीराम, ताज मोहम्मद, सुशील बेरवाल, रवि कुमार मीणा, सुरेश बेरवाल, भरत मेहरा, रामा गिरी, नरसीलाल कुमावत, राधेश्याम कुमावत एवं कैलाश कुमावत सहित कई शिक्षकों ने भाग लेकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
शिक्षकों का मानना है कि यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा, बल्कि शिक्षा और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का भी मंच बनेगा।
नितिन सिंह
