जयपुर, 21 मई। राज्य सरकार ने पत्रकारों के कल्याण और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकारों की सम्मान राशि में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने पूर्णकालिक वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकारों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) द्वारा राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सरकार के इस फैसले को पत्रकार हित में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। लंबे समय से वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा सम्मान राशि में वृद्धि की मांग की जा रही थी, जिसे अब राज्य सरकार ने स्वीकार कर राहत प्रदान की है। नई अधिसूचना के अनुसार अब पात्र वरिष्ठ पत्रकारों को प्रतिमाह 18 हजार रुपये सम्मान राशि के रूप में प्राप्त होंगे।
डीआईपीआर द्वारा जारी राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना (संशोधन) नियम-2026 के अनुसार ऐसे पूर्णकालिक अधिस्वीकृत पत्रकार, जिन्होंने दैनिक, साप्ताहिक या पाक्षिक समाचार पत्रों, स्वतंत्र पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथवा समाचार एजेंसी में कम से कम 20 वर्षों तक सेवायोजन कार्य किया हो, वे इस योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे। इस पात्रता में समाचार पत्रों एवं मीडिया संस्थानों के संपादक, प्रकाशक और मालिक भी शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही पत्रकार की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य रखा गया है।
राज्य सरकार का यह निर्णय वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप लागू किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट भाषण में पत्रकारों की सम्मान राशि को 15 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की घोषणा की थी। अब सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद इस घोषणा को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
इस संशोधन का लाभ केवल वरिष्ठ पत्रकारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिवंगत पत्रकारों के आश्रित परिवारों को भी राहत मिलेगी। योजना के तहत लाभार्थी दिवंगत पत्रकार की पत्नी को मिलने वाली सम्मान निधि की राशि भी 7 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इससे पत्रकार परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने राज्य सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पत्रकार सम्मान की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सम्मान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए ऐसे कदम सराहनीय हैं।
