पादूकलां। लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का अद्भुत नजारा मंगलवार को बिखरनिया खुर्द में देखने को मिला। समस्त जाट समाज के तत्वावधान में तेजा स्थली, बस स्टैंड बिखरनिया खुर्द पर स्थापित होने वाली वीर तेजाजी महाराज की पावन लीलण घोड़ी को लाने के लिए गांव से 101 ट्रैक्टरों का विशाल एवं भव्य काफिला भैरूंदा पहुंचा। धार्मिक उत्साह और भक्ति से ओत-प्रोत इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया।
भैरूंदा में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर पावन लीलण घोड़ी का पूजन किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयकारों के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। धर्मध्वजाओं से सजे ट्रैक्टरों का काफिला आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। यात्रा के दौरान “वीर तेजाजी महाराज की जय” के गगनभेदी जयघोषों से पूरा मार्ग गुंजायमान हो उठा।
शोभायात्रा में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर पावन लीलण घोड़ी का स्वागत किया तथा श्रद्धापूर्वक दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान एवं स्वागत की भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
तेजा स्थली, बस स्टैंड बिखरनिया खुर्द पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने जयघोषों के बीच पावन लीलण घोड़ी का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर धार्मिक माहौल को और अधिक भावपूर्ण बना दिया, जबकि युवाओं ने भक्ति संगीत पर नृत्य कर अपनी आस्था व्यक्त की। देर शाम तक तेजा स्थली पर श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए तांता लगा रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज सत्य, वचनपालन, वीरता, गौ-रक्षा और लोककल्याण के प्रतीक माने जाते हैं। उनकी पूजा-अर्चना से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बुधवार प्रातः शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ तेजा स्थली पर पावन लीलण घोड़ी की विधिवत स्थापना की जाएगी। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर ग्रामीणों और समाज के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
