संवाददाता/राजेंद्र राठी
रियांबड़ी/नागौर। राजस्थान नाथ समाज के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। समाजसेवी, शिक्षाविद् एवं युवा नेतृत्व के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके डॉ. रमेश योगी को राजस्थान नाथ समाज युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा होते ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में खुशी का माहौल बन गया तथा समाजबंधुओं, सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका
डॉ. रमेश योगी लंबे समय से समाज सेवा, शिक्षा और युवाओं के मार्गदर्शन के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। उनके कार्यों को देखते हुए संगठन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक अनुभव से युवा मोर्चा को नई दिशा मिलेगी तथा समाज के विकास कार्यों को और अधिक गति प्राप्त होगी।
युवाओं को समाजहित के कार्यों से जोड़ने का संकल्प
नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. रमेश योगी ने कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रचार-प्रसार, संगठन की मजबूती और युवा वर्ग को समाजहित के कार्यों से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान नाथ समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा समाज के हितों की रक्षा के लिए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजबंधुओं के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। समाज की एकता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
प्रदेश नेतृत्व का जताया आभार
डॉ. रमेश योगी ने इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए राजस्थान नाथ समाज के प्रदेश अध्यक्ष सत्यम योगी, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अरुण योगी, समस्त प्रदेश कार्यकारिणी, पदाधिकारियों एवं समाज के वरिष्ठजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास और स्नेह का प्रतीक है।
नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा संगठन
समाज के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. रमेश योगी के नेतृत्व में युवा मोर्चा नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करेगा। उनकी नियुक्ति से संगठन को मजबूती मिलेगी और समाज के विकास, शिक्षा तथा युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
