भैंरून्दा। पंचायत समिति भैंरून्दा क्षेत्र के आईटी सेंटर सहित सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा से प्रसारित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना और सरकार की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
पंचायत समिति द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार सभी ग्राम पंचायतों में एलईडी स्क्रीन, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि प्रसारण सहित आवश्यक तैयारियां की गई थीं, जिससे ग्रामीणों को कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सहज रूप से देखने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके संदेश से प्रेरित होकर ग्राम पंचायत स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर हरित पर्यावरण का संदेश दिया।
पंचायत समिति भैंरून्दा के आईटी सेंटर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान जसवंत सिंह थाटा ने की। इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी नंद किशोर टाक, ग्राम विकास अधिकारी स्नेहा कंवर, स्वरूप राम गढ़वाल, हरिओम टेलर, रिछपाल सारण, गणपत सांई, देवेन्द्र सिंह, मुकेश चौधरी, गिरधारी लाल शर्मा, मनीष वैष्णव, ताराचंद कुमावत, जाकिर, सलीम, अनवर सहित पंचायत समिति के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि आमजन इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और अधिकाधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। उपस्थित लोगों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर पंचायत समिति के निर्देशानुसार सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित गतिविधियों के फोटोग्राफ एवं अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए गए। पंचायत समिति प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री के संदेश के साथ आयोजित पौधारोपण अभियान ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी दिया।
