संवाददाता/गौतम नोगिया
पुष्कर। पंडित धर्म प्रकाश शर्मा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट, पुष्कर के तत्वावधान में प्रवीण शिक्षा निकेतन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आवासीय “शिक्षित बालिका–सशक्त भविष्य” शिविर का रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस शिविर में 213 बालिकाओं ने शिक्षा, तकनीक, आत्मरक्षा, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता एवं करियर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
समापन दिवस के प्रथम सत्र में गजराज कंवर नागौर ने तकनीक के सकारात्मक उपयोग, फोटोग्राफी और डिजिटल माध्यमों की उपयोगिता पर जानकारी देते हुए बालिकाओं को आधुनिक तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद मुकेश ने साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
उपनिदेशक (माध्यमिक शिक्षा) सुरेशचंद्र व्यास ने उच्च शिक्षा, विषय चयन एवं करियर निर्माण के विभिन्न अवसरों पर मार्गदर्शन देते हुए बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया। वहीं कलेक्ट्रेट अजमेर के टी.ओ. भागीरथ सिंह लखावत ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन की प्रभावी रणनीति और सफलता के सूत्र साझा किए। उद्यमिता विशेषज्ञ मोहम्मद युसूफ भकरी ने स्वरोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए बालिकाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास से सशक्त बालिकाएँ समाज और राष्ट्र की प्रगति की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं। शिविर के दौरान आत्मरक्षा, योग, मानसिक स्वास्थ्य, कानून की जानकारी, डिजिटल साक्षरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, साइबर सुरक्षा, उच्च शिक्षा और उद्यमिता जैसे विविध विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

कार्यक्रम का संचालन चक्रवर्ती लखावत एवं हकीम वोहरा ने किया। अंत में शिविर संयोजक एवं ट्रस्ट की मुख्य न्यासी डॉ. तुहिना प्रकाश शर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रशिक्षकों, सहयोगियों एवं प्रतिभागी बालिकाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी समाजहित एवं शिक्षा को समर्पित ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया ।
