थांवला। स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में वर्षों पुराने और जर्जर हो चुके भवनों को हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), नागौर के आदेशों की पालना करते हुए विद्यालय के कुल 17 जर्जर कक्षों को ध्वस्त करने का प्रस्ताव विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया।
मंगलवार को विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य हरि किशन सारण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसडीएमसी सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया। बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर पुराने भवनों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण में छह पुराने कक्ष तथा मिडिल विंग के 11 कक्ष अत्यंत जर्जर एवं अनुपयोगी पाए गए, जिन्हें विद्यार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल हटाना आवश्यक माना गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी 17 जर्जर कक्षों को उनके बरामदों सहित पूरी तरह जमींदोज किया जाएगा। साथ ही निर्माण सामग्री एवं मलबे को हटाकर पूरे क्षेत्र का समतलीकरण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में विद्यालय परिसर में नए एवं सुरक्षित भवनों का निर्माण कराया जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सर्वसम्मति से इसे पारित किया। वक्ताओं ने कहा कि जर्जर भवन विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ के लिए संभावित खतरा बने हुए थे। ऐसे में इन्हें हटाने से न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विद्यालय के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
बैठक में सरपंच प्रतिनिधि कैलाश कुमावत, एसडीएमसी सदस्य शेर सिंह पंवार, नौरतमल कुमावत, रामकरण कुमावत, ओमप्रकाश कुमावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
