रियांबड़ी में जाट छात्रावास और लाइब्रेरी का उद्घाटन, संतों के सानिध्य में उमड़ा समाज
संवाददाता/रूपाराम गोदारा
रियांबड़ी। क्षेत्र में शिक्षा और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में बुधवार को श्री जाट शिक्षण संस्थान, रियांबड़ी द्वारा निर्मित जाट छात्रावास एवं आधुनिक लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। संत-महात्माओं के पावन सानिध्य और समाज के हजारों लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस समारोह ने शिक्षा के प्रति समाज की जागरूकता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं संतों के आशीर्वाद के साथ हुआ। समारोह में संत श्री 1008 श्री नारायण नाथ जी महाराज (रास मंडी, ब्यावर), संत श्री 1008 आचार्य श्री सज्जनरामजी महाराज (राम धाम रेण), संत श्री रामनिवासजी महाराज (पो धाम आकली), संत श्री पांचारामजी महाराज (श्री रानाबाई धाम पाडूकला) तथा संत श्री रामनाथजी महाराज (खेड़ा घुणा) ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

अपने आशीर्वचनों में संतों ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने युवाओं को संस्कारवान बनने, शिक्षा को जीवन का आधार बनाने तथा समाज में एकता और संगठन की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। संतों ने कहा कि छात्रावास और लाइब्रेरी जैसी संस्थाएं केवल भवन नहीं होतीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व और प्रतिभाओं को गढ़ने वाली पाठशालाएं होती हैं।
समारोह में अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद एवं समाजसेवी भी मौजूद रहे। प्रमुख अतिथियों में पूर्व विधायक श्री मांगीलाल डांगा (मेड़ता), पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, अशोक चौधरी, जाट छात्रावास मेड़ता अध्यक्ष महिपाल लटियाल, बस्तीराम डिडेल (SEPW), भूराराम खिलेरी, श्रवणराम, दौलतराम गोदारा, पूर्व प्रधान रामप्रताप जाजड़ा (बगड़), प्रधान प्रतिनिधि मदन गोरा (रियांबड़ी), मोतीराम बेड़ा (पादू कलां), सूरजकरण गोदारा (बडायली), उपप्रधान गोविंदकरण डांगा (रियांबड़ी) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संस्था के पूर्व अध्यक्ष हनुमान दुगस्तावा, वर्तमान अध्यक्ष लिखमाराम बेरवाल, भगीरथ डांगा तथा कार्यकारिणी के सदस्यों ने आगंतुकों का स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में छात्रावास एवं लाइब्रेरी की सुविधा उन्हें बेहतर अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के प्रसार, सामाजिक समरसता और युवा शक्ति के विकास को लेकर विशेष चर्चा हुई। समाज के वरिष्ठजनों ने इस पहल को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य उपहार बताते हुए कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य करेगा।
धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्साह से ओत-प्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं, युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। पूरे समारोह में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। अंत में उपस्थित जनसमूह ने शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
रियांबड़ी में जाट छात्रावास एवं लाइब्रेरी का यह उद्घाटन न केवल एक भवन का लोकार्पण है, बल्कि शिक्षा, संस्कार और समाज के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
